अमेरिकन प्रेग्‍नेंसी एसोसिएशन के अनुसार शरीर के किसी हिस्‍से में दर्द को कम करने के लिए वहां पर एपिड्यूरल एनेस्‍थीसिया (epidural injection needle size) दिया जाता है। इससे दर्द का एहसास नहीं होता है। एपिड्यूरल रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्‍से मं नसों के संवेगों को ब्‍लॉक कर देती है। इससे शरीर के निचले हिस्‍से में दर्द का एहसास कम हो जाता है।
लेबर पने के दौरान दर्द से राहत दिलाने के सबसे लोकप्रिय तरीकों में एपिड्यूरल एनेस्‍थीसिया शामिल है। 50 पर्सेंट से अधिक महिलाओं को डिलीवरी के दौरान एपिड्यूरल एनेस्‍थीसिया दिया जाता है।
डिलीवरी की पूरी प्रक्रिया बहुत मुश्किल होती है लेकिन मॉडर्न मेडिसिन से यह काम थोड़ा आसान हो गया है। अब ज्‍यादातर महिलाएं एपिड्यूरल या स्‍पाइनल एनेस्‍थीसिया लेकर लेबर पेन को कम करवाती हैं। वहीं कई बार खुद डॉक्‍टर भी प्रसव पीड़ा को कम करने के लिए इनका इस्‍तेमाल करते हैं। एपिड्यूरल या स्‍पाइनल एनेस्‍थीसिया रीढ़ की हड्डी में दिया जाता है।
कुछ दिनों पहले मियामी के मेडिकल स्‍टूडेंट ने एक क्‍लिप शेयर किया था जिसमें दुनियाभर की वो मांएं थीं जिन्‍होंने एपिड्यूरल की मदद ली थी इस पोस्‍ट में एपिड्यूरल की सुई का साइज भी दिखाया गया था।

​दर्द को कम करने के लिए

इस सुई से कैथेटर पीठ के निचले हिस्‍से में अंदर तक जाता है ताकि दर्द कम करने की दवा पहुंचाई जा सके। इस सुई से पहले महिला को लोकल एनेस्‍थीसिया दिया जाता है ताकि सुई के स्किन के अंदर घुसने पर महिला को कम से कम दर्द हो।

​लंबी होती है सुई

इस मेडिकल स्‍टूडेंट के मुताबिक ‘एपिड्यूरल सुईयां लंबी होती हैं जिससे एपिड्यूरल स्‍पेस तक आराम से पहुंचा जा सके।’

एपिड्यूरल की सुई का साइज देखकर दुनियाभर की महिलाएं हैरान थीं और बाकी हैरान थी कि एक बच्‍चे को जन्‍म देने के कितना ज्‍यादा दर्द सहना पड़ता है।

​छोटा-सा हिस्‍सा है

इस वीडियो में प्रसव प्रक्रिया का छोटा-सा हिस्‍सा दिखाया गया है। इस वीडियाे में दिखाया गया है कि डिलीवरी के दौरान और बाद में एक मां को कितना दर्द और मुश्किलें सहनी पड़ती हैं।

​सहना ही पड़ता है दर्द

आपकी नॉर्मल डिलीवरी हो या सिजेरियन ऑपरेशन, दोनों में ही बहुत तेज दर्द और असहजता होती है।

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